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*सूचना - *कोयलांचल के इस ब्लॉग में आप सभी का स्वागत है, इसे और बेहतर बनाने के लिए अपने अमूल्य विचारों से कृपया अवगत कराएं. धन्यवाद !

Tuesday, 20 November 2012

दवा का वादा

            विकास की परिभाषा क्या है, चमचमाती सड़क, रोशन भवन या मंहगे मशीन ? दर्द से कराहते मरीज के नजरिये से देखें तो उसके लिए विकास का मतलब है सुलभ डाक्टर और आराम देने वाली दवा। एक बार सपाट सड़क न भी हो तो चलेगा, लेकिन जब किसी के जान पर बन आती है तो उसे दरकार होती है सिर्फ राहत की, और यह जिम्मा है स्वास्थ्य विभाग का, हर सरकारी अस्पताल में जरुरत के मुताबिक डॉक्टरों की तैनाती जाने कब हो पायेगी, पर फ़िलहाल दवा पहुंचने के आसार नजर आ रहे हैं।

           भारत सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को समर्पित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से मध्य प्रदेश सरकार द्वारा "सरदार वल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क औषधि वितरण योजना" प्रारंभ की गई है जिसमे समस्त जिला चिकित्सालयों, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जरुरी दवा नि:शुल्क उपलब्ध रहेगी। अस्पताल पहुँचने वाले सभी मरीजों को ओपीडी समय में तथा अस्पताल में भर्ती मरीजों को 24 घंटे दवा दी जाएगी। दवाइयां, इंजेक्शन आदि के अलावा रोगियों के उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे - डिस्पोजेबल सिरिंज, निडिल, आईवी केनुला, ड्रिप सेट एवं आपरेशन में काम आने वाले सर्जिकल सूजर आदि भी मुफ्त दिए जायेंगे।

          देश के ख्याति प्राप्त दवा निर्माताओं से क्रय की गयी जेनरिक दवा, महंगे ब्रांडेड दवा जैसे ही होते हैं और इनके बनाने तथा असर करने में भी समानता होती है। इसलिए सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क उपलब्ध दवा के प्रति किसी तरह की शंका नहीं करनी चाहिए, बल्कि ये बाजार में उपलब्ध महंगे ब्रांडेड दवा से कई माइनों में बेहतर होती हैं। नि:शुल्क औषधि वितरण सम्बन्धी समस्त जानकारियां कंप्यूटर के माध्यम  से अद्यतन रहेंगी, फिर भी किसी को दवा मिलने में कोई कठिनाई दिखे तो उसे टेली समाधान केंद्र के टोल फ्री नंबर 155343 पर शिकायत दर्ज करा देना चाहिए। इस टेलीफोन नंबर पर नि:शुल्क दवा वितरण सम्बंधित किसी भी समस्या या सुझाव को भी बताया जा सकता है।

         राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की पी.आई.पी. के अनुसार मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत राशि - (1) प्रदेश के 50 जिलों को 2011 की जनगणना के अनुसार औषधि उपार्जन हेतु - 5174.96 लाख, प्रदेश के 866 केन्द्रों के लिए स्वीकृत (फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री आपरेटर, सपोर्ट स्टाफ) पद के लिए - 1402.92 लाख, दवा स्टोर हेतु कंप्यूटर क्रय - 3.40 करोड़, दवा वितरण केन्द्रों की स्थापना - 1200 लाख रूपए है । स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बने 5 सदस्यी समिति द्वारा किया जायेगा, जिनमे सीएमओ, सिविल सर्जन, कलेक्टर द्वारा नामांकित कोई अनु. जाति / अनु. जनजाति  सदस्य एवं संयुक्त कलेक्टर प्रमुख हैं।
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       प्रदेश में कुल 50 जिला अस्पताल, 56 सिविल अस्पताल, 333 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 1156 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं इस तरह कुल 1595 नि:शुल्क औषधि वितरण केंद्र बनाये गए हैं जबकि प्रसव केंद्र के रूप में संचालित 377 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही कर्मचारी तैनात होंगे इसलिए 50 सीएमओ कार्यालय, 50 जिला अस्पताल, 56 सिविल अस्पताल, 333 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 377 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हिसाब से 866 कर्मचारिओं की भर्ती हो रही है। शहडोल जिले में कुल 37 केन्द्रों पर दवा वितरित होगी जिनमे से 38 केन्द्रों में कर्मचारी तैनात होंगे (कुल स्वीकृत राशि- 116.08 लाख), अनूपपुर में 24 दवा वितरण केंद्र बनाये गए हैं, वहीँ 25 कर्मचारियों की नियुक्ति प्रस्तावित है (कुल स्वीकृत राशि- 82.53 लाख), इसी तरह उमरिया जिले में 16 दवा वितरण केंद्र हैं और 17  कर्मचारी पद स्वीकृत हैं (कुल स्वीकृत राशि- 65.63 लाख)। इस तरह पूरे प्रदेश के लिए कुल 6983.87 लाख की राशि स्वीकृत है। उक्त राशि का सही उपयोग हो और जरुरत मंद को नि:शुल्क दवा मिल सके इसके लिए सरकार के साथ हम आप सब आम जनता का दायित्व है की इस योजना पर आवश्यक ध्यान देते हुए इसे सफल बनाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करें।           
   

Sunday, 28 October 2012

जागो ग्राहक जागो ....!

       मंहगाई से परेशान हाल जनता के लिए एक और बुरी खबर "बस" का किराया फिर बढ़ा दिया गया है। अभी कुछ दिनों पहले 30 जुलाई 2012 को ही बसों का किराया बढाया गया था, मगर बस आपरेटरों के दवाब में राज्य सरकार ने किरायों में फिर बढ़ोत्तरी कर दी। गनीमत है की रेल किराया सामान्य बना हुआ है वरना लोगों की आवाजाही रुक जाती। कोयलांचल के बुढार से शहडोल तक जहाँ रेल का किराया मात्र 3 रुपये है वहीँ बस का किराया 21 रुपये हैं यानी 18 रुपये ज्यादा। यही हाल अन्य दूरियों तक के किराये में बढ़ोत्तरी के साथ नजर आ रहा है।
       बस के किराये में अत्यधिक वृद्धि 25 अगस्त 2008 के बाद पहली बार 12 अगस्त 2010 को हुआ जब प्रति किलोमीटर 65 पैसे की दर तय की गयी, दो साल बाद ही बीते 30 जुलाई 2012 को यह किराया प्रति किलोमीटर 75 पैसे कर दिया गया और अब 26 अक्टूबर 2012 से मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत अधिसूचना जारी कर प्रति किलोमीटर का किराया 80 पैसे निर्धारित कर दिया गया है। गौरतलब है की पहले 5 किलोमीटर तक का बेस किराया  5 रुपये निर्धारित है उसके उसके बाद छटवें किलोमीटर से नयी दर किराए में जुड़ेगी, यानी अगर कोई 10 किलोमीटर की यात्रा करता है तो उसका किराया होगा (पहले 5 किलोमीटर के लिए 5 + अगले 5 किलोमीटर के लिए 80 पैसे की दर से 4 रुपये) = कुल 9 रुपये।
      बस का किराया तो बढ़ गया लेकिन बस संचालक बढ़ोतरी की आड़ में मनमाना किराया न वसूलें इसके लिए आप सभी के लिए यहाँ किराये का चार्ट प्रस्तुत है। अगर आप से कोई बस कंडेक्टर ज्यादा किराया मांगे तो आप परिवहन विभाग की प्रमाणित किराया सूची दिखाने को कह सकते हैं या उसकी शिकायत समाचार पत्रों सहित समीपी परिवहन विभाग में भी कर सकते हैं। 
किलोमीटर            किराया                                                किलोमीटर                 किराया 
1 5.00   26 21.80
2 5.00   27 22.60
3 5.00   28 23.40
4 5.00   29 24.20
5 5.00   30 25.00
6 5.80   31 25.80
7 6.60   32 26.60
8 7.40   33 27.40
9 8.20   34 28.20
10 9.00   35 29.00
11 9.80   36 29.80
12 10.60   37 30.60
13 11.40   38 31.40
14 12.20   39 32.20
15 13.00   40 33.00
16 13.80   41 33.80
17 14.60   42 34.60
18 15.40   43 35.40
19 16.20   44 36.20
20 17.00   45 37.00
21 17.80   46 37.80
22 18.60   47 38.60
23 19.40   48 39.40
24 20.20   49 40.20
25 21.00   50 41.00
   
  

Tuesday, 23 October 2012

आगे बढ़ो विद्यार्थियों .....!


       प्रतिभाओं को हर कोई प्रोत्साहित करता है फिर वह चाहे कोई व्यक्ति हो, संस्था हो अथवा स्वयं सरकार हो सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं पढ़ने वाले आर्थिक रूप से पिछड़े छात्र छात्राओं के प्रोत्साहन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 9 दिसम्बर 2012 को राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन व्यापम (व्यावसयिक परीक्षा मण्डल भोपाल) के जरिए करवाया जा रहा है इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्र छात्राओं को मेरिट लिस्ट के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक प्रतिवर्ष प्रत्येक विद्यार्थी को 6000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी नियमित विद्यार्थियों की इस छात्रवृत्ति को प्रत्येक वर्ष प्राप्त करने के लिए छात्र छात्राओं को कक्षा 9 एवं 11 में कम से कम 55 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे और कक्षा 10 में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है जाहिर है यह छात्रवृत्ति उन्ही के लिए है जो पढ़ने में होशियार हैं अथवा जो लगन से पढ़ाईकर होशियार बनना चाहते हैं ।
       इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों की आय डेढ़ लाख रूपए सालाना होनी चाहिए अच्छी बात यह है कि इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए विद्यार्थियों से कोई भी परीक्षा शुल्क नही लिया जायेगा पूरी तरह से निःशुल्क इस परीक्षा में कोयलांचल के अधिकांश छात्र छात्राएं शामिल हों इसके लिए हम आप सभी को भी प्रयास करने चाहिए यद्यपि मध्यप्रदेश  के लिए 6501 छात्रवृत्ति को कोटा निर्धारित है जिसमें शहडोल जिले से लिए कुल 112 छात्र छात्राओं का चयन किया जाना है

Saturday, 29 September 2012

असमंजस

            आज गणेश प्रतिमाएं विसर्जित कर दी गयीं. नगर में जगह जगह स्थापित और भक्ति भाव से पूजित गणेश प्रतिमाओं की कुछ फोटो आपके दर्शनार्थ यहाँ  प्रस्तुत है. आप सोच रहें होंगे, गणेश प्रतिमाओं के दर्शन कराने वाले पेज का शीर्षक "असमंजस" क्यों रखा गया है ? तो बात इतनी सी है की जब श्रद्धालु गणेश प्रतिमा स्थापित करने की लिए उन्हें लेकर आते हैं तो जो ख़ुशी दिखाई जाती है, उससे कई गुना ज्यादा ख़ुशी प्रतिमा विसर्जित करते समय नजर आती है, लोग नाचते हैं, गुलाल उड़ाते हैं, ऐसा क्यों ? शायद आप में से किसी के पास इसका कोई तर्क पूर्ण उत्तर हो तो कृपया हम सबको जरूर बताएं, ताकि असमंजस के बादल छंट सके और जानकारी का उजाला हो. 
          एक बात और है जो थोड़ी अटपटी लगती है, और वो ये की प्रतिमा विसर्जन में DJ का क्या काम, फ़िल्मी गानों के धुन पर नाचते युवा आखिर क्या जताना चाहते हैं ? एक बारगी गणेश जी से सम्बंधित गाने हों तो बात जमे, लेकिन मुन्नी की बदनामी, शीला की .... या हलकट... जवानी जैसे गानों पर बेख़ौफ़ नाचते युवाओं पर जैसे किसी का कोई अंकुश ही नहीं, गली चौराहे से गुजरते, पुलिस की निगरानी के बाद भी फूहड़ता जारी है. फेसबुक पर धर्म के नाम पर लुभावने फोटो शेयर करने वाले महारथी और पदाधिकारी आखिर ऐसी छिछोरी हरकत पर खामोश क्यों हैं ? 





Friday, 28 September 2012

उपग्रह की तस्वीरों में शहर

          इस ब्लॉग में धनपुरी का नक्शा पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है, आप सबने देखा ही होगा, लीजिये अब उपग्रह से खींची गयी तस्वीर भी उपलब्ध है। यूँ तो इसे गूगल मैप से भी देखा जा सकता है, लेकिंन आप सभी का समय बचाते हुए इसे दूरी के हिसाब से यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है।  पहली उपग्रह तस्वीर 500 मीटर तक की है और दूसरी 200 मीटर, तीसरी 100 मीटर और चौथी तस्वीर मात्र 50 मीटर की दूरी से ली गयी है।
 



 
 



  

Friday, 21 September 2012

प्रतीक्षित .....

            हजारो शिक्षको की भर्ती की खबर भर से बेरोजगारों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। परीक्षा के बाद से प्रतिभागियों को परिणाम का इन्तजार था और परिणाम के बाद भर्ती की प्रतीक्षा होने लगी, इस  दरम्यान बहुत से जानो ने बे सर पैर की खबरे भी खूब उडाई, कोई कोई तो भर्ती हो जाने  की  अफवाह  तक फैलाते सुने गये, बहरहाल परीक्षा उत्तीर्ण किये सौभाग्यशाली जानो की लिए  अच्छी  खबर  है,  कि   भर्ती  प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है, और इसकी तैयारी एजुकेशन पोर्टल पर दिखाई भी देने लगी है, आप भी देंखे इसकी पहली झलक ....! ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया में पहले D.ed. वाले प्रत्याशियों को मौका दिया जायेगा, और उनके रोल नंबर, कक्षा १२ के प्राप्तांक, जाति और निवास प्रमाण पत्र का मिलान  किया जायेगा।
          सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रो के लिए  भर्ती  होगी  और इस साल केवल जनपद पंचायतो के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होगी। कुल 49859 पदों पर  भर्ती  संभावित है जिनमे फ़िलहाल  शहडोल जिले के लिए कुल 1086 पद रिक्त हैं, अनुपपुर जिले में 402, उमरिया जिले में 972 पद रिक्त हैं जबकि सतना जिले में 1426, रीवा जिले में 2538 पद रिक्त हैं। सीधी जिले में 1211और सिंगरौली जिले में 2350 पद रिक्त हैं।
समय सारणी
संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के लिए जो समय सारणी तय की गयी है वो कुछ इस तरह है।
(नोट :- ये प्रक्रिया समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी होने के बाद ही प्रारंभ होगी )
प्रदेश स्तरीय समेकित विज्ञापन जारी होने की तारीख  - 10 अक्टूबर 2012 के बाद किसी भी दिन 
जिला स्तरीय सत्यापन केन्द्रों में प्रमाण पर्त्रो की जांच एवं पंजीयन - 11 अक्टूबर  से 25 अक्टूबर
अभ्यर्थियों द्वारा जनपद पंचायतों का ऑनलाइन चयन, किओस्क से - 12 अक्टूबर से 26 अक्टूबर
ऑनलाइन मेरिट  सूची की उपलब्धता - 3 नवम्बर 2012 को सायं 4 बजे 
चयनित अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्ति प्राप्त करना - 4 नवम्बर 2012 से 16 नवम्बर 2012 तक
(यह जानकरी जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत की जा रही है) 
     
 










 

Friday, 7 September 2012

आंकड़ो में शहर

             काले हीरे का शहर यानि कोयला नगरी धनपुरी 24.08 वर्ग किलोमीटर में बसा हुआ है, यहां कि जनसंख्या (2001 की जनगणना के अनुसार) 43914 है, जिसमें 7226 अनुसूचित जनजाति वर्ग के हैं जो कि कुल आबादी का 16.45 प्रतिशत है और अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या 5636 है, जो कि कुल आबादी का 12.83  प्रतिशत है । धनपुरी की साक्षरता दर 75.80 प्रतिशत है जो कि शहडोल जिले में बेहतर स्तर पर है । नगर की कुल आबादी में पुरुषों की संख्या 23074 है जो की कुल आबादी का 52.54 प्रतिशत है और महिलाओं की संख्या 20840 है जो की कुल आबादी का 47.46 प्रतिशत है। जनगणना के अनुसार धनपुरी में लिंगानुपात 903 है, यानि की 1000 पुरुषों पर 903 महिलाएं। नगर की साक्षरता दर 75.80 है, जिनमे पुरुषो की साक्षरता दर 82.34 और महिलाओं की 69.26 है।  
            2001 की जनगणना के अनुसार धनपुरी में 10622 लोग कार्यशील हैं जो कि कुल जनसंख्या का मात्र 24.18 प्रतिशत है । उक्त कार्यशील लोगों में से 50 प्रतिशत लोग खेती, मजदूरी एवं खदान में काम कर रहे हैं जबकि 8 प्रतिशत लोग गृह उद्योग, निर्माण आदि का कार्य कर रहे हैं तथा 42 प्रतिशत लोग व्यापार, परिवहन एवं वनोपज आदि सेवा से जुड़े हुए हैं । आंकड़ो के अनुसार कार्यशील लोगों में 5063 तो कालरी कर्मचारी हैं और 196 घरेलु काम करने वाले, 5362 लोग कोई न कोई काम करके रोजी रोटी कमा रहे हैं, फिर भी नगर में बेरोजगारों की संख्या 33293 के लगभग है।
           धनपुरी में घरो की संख्या 7935 है जहाँ 5 की औसत से 43914 लोग रह रहे हैं। 24 वार्डो वाले इस शहर के 12 वार्ड में नगर पालिका के माध्यम से पेयजल घरो तक पहुँच रहा है वहीँ 10 वार्ड में कालरी पेयजल घरो तक पंहुचा रही है, नगर के 2 वार्डो में दोनों संस्थाओं के माध्यम से पेयजल पहुँचाया जा रहा है।
           धनपुरी नगर में कुल 73.60 किलोमीटर की सड़क बनी हुई है जिसमें नगर पालिका की 60.37 किलोमीटर एवं राज्य सड़क की लम्बाई 13.23 किलोमीटर है । नगर पालिका के कोटे की 60.37 किलोमीटर की सड़क में पक्की सड़क की लम्बाई 50.07 किलोमीटर है जिनमे WBM सड़क की लम्बाई 10.57 किलोमीटर, ब्लैक टॉप की लम्बाई 15.20 किलोमीटर और कांक्रीट स्लैब की लम्बाई 24.30 किलोमीटर है। नगर में 18.30 किलोमीटर की कच्ची सड़क भी है जिनमे 10.50 तो चलने योग्य है लेकिन  7.80 किलोमीटर की सड़क चलने योग्य भी नहीं है।  
 

 

Saturday, 11 August 2012


नगर में उत्साह एवं श्रद्धाभाव से मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव


भये प्रकट गोपाला की अनुगूंज के साथ धनपुरी नगर के प्रसिद्ध श्री राधा कृष्ण  मंदिर में श्री कृष्ण जन्मोत्सव परंपरागत ढंग से मनाया गया । मौसम की प्रतिकूलता के बावजूद भारी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में उपस्थित हुए और मध्यरात्रि में भगवान श्री कृष्ण की झांकी को देखकर भावविभोर हुए । पानी की रिमझिम के बीच मंदिर की व्यवस्था समिति  द्वारा उत्सव की तैयारियों में कोई कमी नही छोड़ी गई । पानी की वजह से बैठक व्यवस्था प्रभावित न हो इस पर खास ध्यान देते हुए उम्दा इंतजाम किए गये । मंदिर की आकर्षक साज सज्जा श्रद्धालुओं एवं दर्शनार्थियों को बेहद पसंद आयी और सुबह से श्रद्धालुओं का तांता मंदिर में लगा रहा । रात्रि ग्यारह बजे मंदिर के पट बंद कर दिये गये और विशेष पूजन उपरांत ठीक मध्यरात्रि में मंदिर के गर्भगृह के द्वार खुले जहां श्री कृष्ण लला की मनोहारी छवि की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालु आतुर नजर आए शंख , घंटे, घडि़याल एवं करतल ध्वनि के मध्य श्री कृष्ण  की आरती सम्पन्न हुई तदोपरान्त सूखे मेवे युक्त प्रसाद सभी श्रद्धालुओं में वितरित किया गया ।

भजन से श्रोता हुए भाव विभोर
श्री कृष्ण  जन्मोत्सव पर रामायण गायन की परंपरा रही है इस वर्ष  श्रीरामचरित मानस गायन के साथ ही भजन की प्रस्तुति दी गई जिससे श्रोता भाव विभोर नजर आए । श्रीरामचरित मानस के दोहे और चैपाइयों के बीच संगीतमय भजन उपस्थित जनों को काफी पसंद आया ।

हरे माधव सेवा समिति का योगदान
जन्माष्टमी  के अवसर पर हर कोई किसी न किसी रूप से आयोजन में सहयोग प्रदान करने का प्रयास करते हैं इनमें से हरे माधव सेवा समिति बुढ़ार द्वारा श्रद्धालुओं के जूते चप्पल के सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली गई जिससे श्रद्धालुभाव से मंदिर  में घंटो उपस्थित रहे ।

महाप्रबंधक ने सराहा
श्री कृष्ण  जन्मोत्सव पर श्रीराधा कृष्ण  मंदिर के भव्य आयोजन को देखने सोहागपुर कोयला प्रक्षेत्र के महाप्रबंधक श्री मिततल भी पहुंचे और उन्होने मंदिर की व्यवस्था, साज सज्जा की सराहना किया, महाप्रबंधक के साथ उपक्षेत्रीय प्रबंधक एवं कालरी के प्रमुख जन उपस्थित रहे । श्री कृष्ण जन्मोत्सव को देखने नगर पालिका परिषद्  धनपुरी की नवनिर्वाचित अध्यक्षा श्रीमती रविन्दर कौर भी पहुंची । मंदिर की पूजा व्यवस्था शुक्ल बंधुओं ने संभाली । कार्यक्रम में पुलिस नगर निरीक्षक का अमले सहित सराहनीय योगदान रहा ।

सुझाव पेटी में पहुंचे सुझाव
मंदिर की व्यवस्था में सकारात्मक सुधार एवं विकास के द्रष्टिगत  इस वर्ष  एक सुझाव पेटी मंदिर में रखी गयी जिसमें युवा श्रद्धालुओं द्वारा सुझाव डाले गये, मंदिर की व्यवस्था समिति के विजय विश्वकर्मा  ने बताया कि उक्त सुझाव पेटी मंदिर परिसर में सुरक्षित रखी हुई है जहां आगे भी सुझाव दिये जा सकते हैं । कार्यक्रम में हिन्दू धार्मिक संस्था के अध्यक्ष हनुमान खण्डेलवाल के नेतृत्व में गणेश गुप्ता, नरेश  गुप्ता, केशव  राय, इन्द्रजीत सिंह छावड़ा, मैथिलीशरण गुप्ता, आनंद मोहन जायसवाल, ओमप्रकाश  सोनी, विनोद रजक, बद्री गुप्ता, रमेश  गुप्ता, अजय जायसवाल, सुजीत जायसवाल, दिलीप जायसवाल,  कृष्ण  कुमार गुप्ता, राजेन्द्र गुप्ता, विनोद गुप्ता, हेमंत सोनी, गुडडू जायसवाल, दुर्गा जायसवाल, निक्की सिंह, प्रभु राय, फुल्लू गुप्ता,सुनील नामदेव, एसपी सिंह आदि का सराहनीय योगदान रहा।

ब्रम्हकुमारी विश्वाविद्यालय  से पहुंचे सेवाभावी
श्री कृष्ण जन्मोत्सव पर श्रीराधा कृष्ण  मंदिर के पास ही प्रजापति ब्रम्हकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय  से कार्यकर्ताओं ने एक पंडाल लगाया जहां वे ई’वर के साक्षात्कार के सम्बन्ध में रोचक ढंग से जानकारी उपलब्ध करा रहे थे । युगों के बारें सारगर्भित ढंग से जानकारी देते हुए मनु”य में दैवीय गुणों के प्रादुर्भाव के तरीकों सहित अच्छाई एवं बुराई के फल आदि वि”ायों पर सरल तरीके से चित्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जागरूक बनाने के दिशा में अनूठी एवं प्रभावी पहल की गई जिसकी स्थानीय बुद्धिजीवियों ने सराहना की ।