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*सूचना - *कोयलांचल के इस ब्लॉग में आप सभी का स्वागत है, इसे और बेहतर बनाने के लिए अपने अमूल्य विचारों से कृपया अवगत कराएं. धन्यवाद !

Wednesday, 23 January 2013

Rail Fare ....

       21 जनवरी तक 25 किलोमीटर तक की रेल यात्रा करना सस्ता था बजाये प्लेटफार्म टिकट खरीद कर स्टेशन के अन्दर दाखिल होने के, मगर कब तक यह गड़बड़ झाला चलता, सो रेलवे ने फुटकर पैसों का लफड़ा ही ख़तम कर दिया और सीधे सीधे किराये में बढ़ोत्तरी कर डाली। अब छोटी दूरी का किराया 2 या 3 रुपये नहीं होगा बल्कि सीधे 5 रुपये कर दिया गया है। 
        किराया बढ़ोत्तरी में रेलवे ने सीधा सा फार्मूला निकला है की अगर वर्तमान किराये के अंतिम में 1 अथवा 6 आता है तो अब लिए जाने वाले किराए में 1 रुपये कम कर दिया गया है जैसे अगर किराया 6 रुपये था तो वह 5 रुपये हो गया है और अगर पहले 11 रुपये किराया था तो वह 10 रुपये हो गया है, इसी तरह 16 को 15, 21 को 20, 31 को 30 कर दिया गया है। 
        मगर "पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त ....."
        और वो ये कि अगर किराये के अंत में 2, 3 या फिर 4 रुपये हैं तो किराया बनेगा पूरे 5 रुपये और 7, 8 अथवा 9  से अंत होने वाले किराये के वसूले जायेंगे पूरे 10 रुपये, तो मतलब "कहीं ख़ुशी कहीं गम"। बहरहाल रेलवे में एक और बदलाव होने जा रहा है, और वो ये है की अगर आप 1 अप्रैल से 31 जुलाई के बीच अथवा 1 सितम्बर से 31 जनवरी के बीच यात्रा करने की सोच रहें है तो आपको व्यस्त अवधि के नाम पर ज्यादा किराया देना पड़ सकता है और इस किराये के भार से बचने के लिए आपको गैर व्यस्त अवधि यानी कि 1 फ़रवरी से 31 मार्च अथवा 1 अगस्त से 31 अगस्त के बीच यात्रा का मुहूर्त निकलना होगा। और हाँ राजधानी तथा शताब्दी ट्रेनों में 5 साल से कम उम्र के बच्चो का किराया तो नहीं लगेगा साथ ही उन्हें खाना भी मुफ्त मिलेगा। अतएव यात्रा की अग्रिम शुभकामना !

Tuesday, 20 November 2012

दवा का वादा

            विकास की परिभाषा क्या है, चमचमाती सड़क, रोशन भवन या मंहगे मशीन ? दर्द से कराहते मरीज के नजरिये से देखें तो उसके लिए विकास का मतलब है सुलभ डाक्टर और आराम देने वाली दवा। एक बार सपाट सड़क न भी हो तो चलेगा, लेकिन जब किसी के जान पर बन आती है तो उसे दरकार होती है सिर्फ राहत की, और यह जिम्मा है स्वास्थ्य विभाग का, हर सरकारी अस्पताल में जरुरत के मुताबिक डॉक्टरों की तैनाती जाने कब हो पायेगी, पर फ़िलहाल दवा पहुंचने के आसार नजर आ रहे हैं।

           भारत सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को समर्पित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से मध्य प्रदेश सरकार द्वारा "सरदार वल्लभ भाई पटेल नि:शुल्क औषधि वितरण योजना" प्रारंभ की गई है जिसमे समस्त जिला चिकित्सालयों, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जरुरी दवा नि:शुल्क उपलब्ध रहेगी। अस्पताल पहुँचने वाले सभी मरीजों को ओपीडी समय में तथा अस्पताल में भर्ती मरीजों को 24 घंटे दवा दी जाएगी। दवाइयां, इंजेक्शन आदि के अलावा रोगियों के उपयोग में आने वाली सामग्री जैसे - डिस्पोजेबल सिरिंज, निडिल, आईवी केनुला, ड्रिप सेट एवं आपरेशन में काम आने वाले सर्जिकल सूजर आदि भी मुफ्त दिए जायेंगे।

          देश के ख्याति प्राप्त दवा निर्माताओं से क्रय की गयी जेनरिक दवा, महंगे ब्रांडेड दवा जैसे ही होते हैं और इनके बनाने तथा असर करने में भी समानता होती है। इसलिए सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क उपलब्ध दवा के प्रति किसी तरह की शंका नहीं करनी चाहिए, बल्कि ये बाजार में उपलब्ध महंगे ब्रांडेड दवा से कई माइनों में बेहतर होती हैं। नि:शुल्क औषधि वितरण सम्बन्धी समस्त जानकारियां कंप्यूटर के माध्यम  से अद्यतन रहेंगी, फिर भी किसी को दवा मिलने में कोई कठिनाई दिखे तो उसे टेली समाधान केंद्र के टोल फ्री नंबर 155343 पर शिकायत दर्ज करा देना चाहिए। इस टेलीफोन नंबर पर नि:शुल्क दवा वितरण सम्बंधित किसी भी समस्या या सुझाव को भी बताया जा सकता है।

         राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की पी.आई.पी. के अनुसार मध्यप्रदेश के लिए स्वीकृत राशि - (1) प्रदेश के 50 जिलों को 2011 की जनगणना के अनुसार औषधि उपार्जन हेतु - 5174.96 लाख, प्रदेश के 866 केन्द्रों के लिए स्वीकृत (फार्मासिस्ट, डाटा एंट्री आपरेटर, सपोर्ट स्टाफ) पद के लिए - 1402.92 लाख, दवा स्टोर हेतु कंप्यूटर क्रय - 3.40 करोड़, दवा वितरण केन्द्रों की स्थापना - 1200 लाख रूपए है । स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में बने 5 सदस्यी समिति द्वारा किया जायेगा, जिनमे सीएमओ, सिविल सर्जन, कलेक्टर द्वारा नामांकित कोई अनु. जाति / अनु. जनजाति  सदस्य एवं संयुक्त कलेक्टर प्रमुख हैं।
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       प्रदेश में कुल 50 जिला अस्पताल, 56 सिविल अस्पताल, 333 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 1156 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं इस तरह कुल 1595 नि:शुल्क औषधि वितरण केंद्र बनाये गए हैं जबकि प्रसव केंद्र के रूप में संचालित 377 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही कर्मचारी तैनात होंगे इसलिए 50 सीएमओ कार्यालय, 50 जिला अस्पताल, 56 सिविल अस्पताल, 333 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 377 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के हिसाब से 866 कर्मचारिओं की भर्ती हो रही है। शहडोल जिले में कुल 37 केन्द्रों पर दवा वितरित होगी जिनमे से 38 केन्द्रों में कर्मचारी तैनात होंगे (कुल स्वीकृत राशि- 116.08 लाख), अनूपपुर में 24 दवा वितरण केंद्र बनाये गए हैं, वहीँ 25 कर्मचारियों की नियुक्ति प्रस्तावित है (कुल स्वीकृत राशि- 82.53 लाख), इसी तरह उमरिया जिले में 16 दवा वितरण केंद्र हैं और 17  कर्मचारी पद स्वीकृत हैं (कुल स्वीकृत राशि- 65.63 लाख)। इस तरह पूरे प्रदेश के लिए कुल 6983.87 लाख की राशि स्वीकृत है। उक्त राशि का सही उपयोग हो और जरुरत मंद को नि:शुल्क दवा मिल सके इसके लिए सरकार के साथ हम आप सब आम जनता का दायित्व है की इस योजना पर आवश्यक ध्यान देते हुए इसे सफल बनाने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास करें।           
   

Sunday, 28 October 2012

जागो ग्राहक जागो ....!

       मंहगाई से परेशान हाल जनता के लिए एक और बुरी खबर "बस" का किराया फिर बढ़ा दिया गया है। अभी कुछ दिनों पहले 30 जुलाई 2012 को ही बसों का किराया बढाया गया था, मगर बस आपरेटरों के दवाब में राज्य सरकार ने किरायों में फिर बढ़ोत्तरी कर दी। गनीमत है की रेल किराया सामान्य बना हुआ है वरना लोगों की आवाजाही रुक जाती। कोयलांचल के बुढार से शहडोल तक जहाँ रेल का किराया मात्र 3 रुपये है वहीँ बस का किराया 21 रुपये हैं यानी 18 रुपये ज्यादा। यही हाल अन्य दूरियों तक के किराये में बढ़ोत्तरी के साथ नजर आ रहा है।
       बस के किराये में अत्यधिक वृद्धि 25 अगस्त 2008 के बाद पहली बार 12 अगस्त 2010 को हुआ जब प्रति किलोमीटर 65 पैसे की दर तय की गयी, दो साल बाद ही बीते 30 जुलाई 2012 को यह किराया प्रति किलोमीटर 75 पैसे कर दिया गया और अब 26 अक्टूबर 2012 से मोटरयान अधिनियम 1988 के तहत अधिसूचना जारी कर प्रति किलोमीटर का किराया 80 पैसे निर्धारित कर दिया गया है। गौरतलब है की पहले 5 किलोमीटर तक का बेस किराया  5 रुपये निर्धारित है उसके उसके बाद छटवें किलोमीटर से नयी दर किराए में जुड़ेगी, यानी अगर कोई 10 किलोमीटर की यात्रा करता है तो उसका किराया होगा (पहले 5 किलोमीटर के लिए 5 + अगले 5 किलोमीटर के लिए 80 पैसे की दर से 4 रुपये) = कुल 9 रुपये।
      बस का किराया तो बढ़ गया लेकिन बस संचालक बढ़ोतरी की आड़ में मनमाना किराया न वसूलें इसके लिए आप सभी के लिए यहाँ किराये का चार्ट प्रस्तुत है। अगर आप से कोई बस कंडेक्टर ज्यादा किराया मांगे तो आप परिवहन विभाग की प्रमाणित किराया सूची दिखाने को कह सकते हैं या उसकी शिकायत समाचार पत्रों सहित समीपी परिवहन विभाग में भी कर सकते हैं। 
किलोमीटर            किराया                                                किलोमीटर                 किराया 
1 5.00   26 21.80
2 5.00   27 22.60
3 5.00   28 23.40
4 5.00   29 24.20
5 5.00   30 25.00
6 5.80   31 25.80
7 6.60   32 26.60
8 7.40   33 27.40
9 8.20   34 28.20
10 9.00   35 29.00
11 9.80   36 29.80
12 10.60   37 30.60
13 11.40   38 31.40
14 12.20   39 32.20
15 13.00   40 33.00
16 13.80   41 33.80
17 14.60   42 34.60
18 15.40   43 35.40
19 16.20   44 36.20
20 17.00   45 37.00
21 17.80   46 37.80
22 18.60   47 38.60
23 19.40   48 39.40
24 20.20   49 40.20
25 21.00   50 41.00
   
  

Tuesday, 23 October 2012

आगे बढ़ो विद्यार्थियों .....!


       प्रतिभाओं को हर कोई प्रोत्साहित करता है फिर वह चाहे कोई व्यक्ति हो, संस्था हो अथवा स्वयं सरकार हो सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं पढ़ने वाले आर्थिक रूप से पिछड़े छात्र छात्राओं के प्रोत्साहन के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा 9 दिसम्बर 2012 को राष्ट्रीय मीन्स कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा का आयोजन व्यापम (व्यावसयिक परीक्षा मण्डल भोपाल) के जरिए करवाया जा रहा है इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्र छात्राओं को मेरिट लिस्ट के अनुसार कक्षा 9 से 12 तक प्रतिवर्ष प्रत्येक विद्यार्थी को 6000 रूपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी नियमित विद्यार्थियों की इस छात्रवृत्ति को प्रत्येक वर्ष प्राप्त करने के लिए छात्र छात्राओं को कक्षा 9 एवं 11 में कम से कम 55 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे और कक्षा 10 में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना जरूरी है जाहिर है यह छात्रवृत्ति उन्ही के लिए है जो पढ़ने में होशियार हैं अथवा जो लगन से पढ़ाईकर होशियार बनना चाहते हैं ।
       इस परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र छात्राओं के अभिभावकों की आय डेढ़ लाख रूपए सालाना होनी चाहिए अच्छी बात यह है कि इस परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए विद्यार्थियों से कोई भी परीक्षा शुल्क नही लिया जायेगा पूरी तरह से निःशुल्क इस परीक्षा में कोयलांचल के अधिकांश छात्र छात्राएं शामिल हों इसके लिए हम आप सभी को भी प्रयास करने चाहिए यद्यपि मध्यप्रदेश  के लिए 6501 छात्रवृत्ति को कोटा निर्धारित है जिसमें शहडोल जिले से लिए कुल 112 छात्र छात्राओं का चयन किया जाना है

Saturday, 29 September 2012

असमंजस

            आज गणेश प्रतिमाएं विसर्जित कर दी गयीं. नगर में जगह जगह स्थापित और भक्ति भाव से पूजित गणेश प्रतिमाओं की कुछ फोटो आपके दर्शनार्थ यहाँ  प्रस्तुत है. आप सोच रहें होंगे, गणेश प्रतिमाओं के दर्शन कराने वाले पेज का शीर्षक "असमंजस" क्यों रखा गया है ? तो बात इतनी सी है की जब श्रद्धालु गणेश प्रतिमा स्थापित करने की लिए उन्हें लेकर आते हैं तो जो ख़ुशी दिखाई जाती है, उससे कई गुना ज्यादा ख़ुशी प्रतिमा विसर्जित करते समय नजर आती है, लोग नाचते हैं, गुलाल उड़ाते हैं, ऐसा क्यों ? शायद आप में से किसी के पास इसका कोई तर्क पूर्ण उत्तर हो तो कृपया हम सबको जरूर बताएं, ताकि असमंजस के बादल छंट सके और जानकारी का उजाला हो. 
          एक बात और है जो थोड़ी अटपटी लगती है, और वो ये की प्रतिमा विसर्जन में DJ का क्या काम, फ़िल्मी गानों के धुन पर नाचते युवा आखिर क्या जताना चाहते हैं ? एक बारगी गणेश जी से सम्बंधित गाने हों तो बात जमे, लेकिन मुन्नी की बदनामी, शीला की .... या हलकट... जवानी जैसे गानों पर बेख़ौफ़ नाचते युवाओं पर जैसे किसी का कोई अंकुश ही नहीं, गली चौराहे से गुजरते, पुलिस की निगरानी के बाद भी फूहड़ता जारी है. फेसबुक पर धर्म के नाम पर लुभावने फोटो शेयर करने वाले महारथी और पदाधिकारी आखिर ऐसी छिछोरी हरकत पर खामोश क्यों हैं ? 





Friday, 28 September 2012

उपग्रह की तस्वीरों में शहर

          इस ब्लॉग में धनपुरी का नक्शा पहले ही प्रकाशित किया जा चुका है, आप सबने देखा ही होगा, लीजिये अब उपग्रह से खींची गयी तस्वीर भी उपलब्ध है। यूँ तो इसे गूगल मैप से भी देखा जा सकता है, लेकिंन आप सभी का समय बचाते हुए इसे दूरी के हिसाब से यहाँ प्रस्तुत किया जा रहा है।  पहली उपग्रह तस्वीर 500 मीटर तक की है और दूसरी 200 मीटर, तीसरी 100 मीटर और चौथी तस्वीर मात्र 50 मीटर की दूरी से ली गयी है।
 



 
 



  

Friday, 21 September 2012

प्रतीक्षित .....

            हजारो शिक्षको की भर्ती की खबर भर से बेरोजगारों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। परीक्षा के बाद से प्रतिभागियों को परिणाम का इन्तजार था और परिणाम के बाद भर्ती की प्रतीक्षा होने लगी, इस  दरम्यान बहुत से जानो ने बे सर पैर की खबरे भी खूब उडाई, कोई कोई तो भर्ती हो जाने  की  अफवाह  तक फैलाते सुने गये, बहरहाल परीक्षा उत्तीर्ण किये सौभाग्यशाली जानो की लिए  अच्छी  खबर  है,  कि   भर्ती  प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ होने जा रही है, और इसकी तैयारी एजुकेशन पोर्टल पर दिखाई भी देने लगी है, आप भी देंखे इसकी पहली झलक ....! ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया में पहले D.ed. वाले प्रत्याशियों को मौका दिया जायेगा, और उनके रोल नंबर, कक्षा १२ के प्राप्तांक, जाति और निवास प्रमाण पत्र का मिलान  किया जायेगा।
          सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रो के लिए  भर्ती  होगी  और इस साल केवल जनपद पंचायतो के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ होगी। कुल 49859 पदों पर  भर्ती  संभावित है जिनमे फ़िलहाल  शहडोल जिले के लिए कुल 1086 पद रिक्त हैं, अनुपपुर जिले में 402, उमरिया जिले में 972 पद रिक्त हैं जबकि सतना जिले में 1426, रीवा जिले में 2538 पद रिक्त हैं। सीधी जिले में 1211और सिंगरौली जिले में 2350 पद रिक्त हैं।
समय सारणी
संविदा शाला शिक्षक वर्ग 3 के लिए जो समय सारणी तय की गयी है वो कुछ इस तरह है।
(नोट :- ये प्रक्रिया समाचार पत्रों में विज्ञापन जारी होने के बाद ही प्रारंभ होगी )
प्रदेश स्तरीय समेकित विज्ञापन जारी होने की तारीख  - 10 अक्टूबर 2012 के बाद किसी भी दिन 
जिला स्तरीय सत्यापन केन्द्रों में प्रमाण पर्त्रो की जांच एवं पंजीयन - 11 अक्टूबर  से 25 अक्टूबर
अभ्यर्थियों द्वारा जनपद पंचायतों का ऑनलाइन चयन, किओस्क से - 12 अक्टूबर से 26 अक्टूबर
ऑनलाइन मेरिट  सूची की उपलब्धता - 3 नवम्बर 2012 को सायं 4 बजे 
चयनित अभ्यर्थियों द्वारा नियुक्ति प्राप्त करना - 4 नवम्बर 2012 से 16 नवम्बर 2012 तक
(यह जानकरी जनहित के दृष्टिकोण से प्रस्तुत की जा रही है)